Wednesday, December 24, 2008

Introduction

परिचय:-

  • हर इन्सान की जिन्दगी में कभी न कभी ऐसा लम्हा जरूर आता है जब वह ये सोचने को विवश हो जाता है कि उसने अपनी जिन्दगी में क्या पाने कि कामना की थी और उसने क्या पाया। अच्छाई बुराई, जीत हार, खुशी गम जिन्दगी के दो पहलू है जो की हर इंसान की जिन्दगी में जरुर कभी न कभी दस्तक देते है। परन्तु इन्सान इन पहलुओ में से हमेशा अच्छे वाले पहलु की और ही बरना चाहता है और दुसरे पहलु से हमेशा ही अपना मुह मोढ़ कर रखना चाहता है लेकिन अगर सिर्फ़ परेशानियो से मुह मोढ़ने से या उससे बचने से ही उससे बचा जा सकता तो अब तक सारीदुनिया में सुख का सागर लहरा रहा होता।
  • जिन्दगी में खुशी पाने के लिए हर इन्सान के अपने अपने तरीके और सोच होती है। कोई उसे राम बनकर पाने में यकीं रखता है और कोई रावन। हर इन्सान के भीतर ही राम और रावन मोजूद है वो कोई नाम ही नही बल्कि अछाई और बुरायी के प्रतीक बन चुके है और इस राम और रावन का महायुद्ध हर इन्सान के मन में हमेशा ही चलता रहता है, पुराणी रामायण में तो राम की जीत हुई थी और रावन की हार परन्तु इस मन ही मन होने वाले इस युद्ध में किसी की भी जीत हो सकती है औरजीत किसकी करवानी इसका निर्णय स्वयं व्यक्ति के हाथ है।
  • जिन्दगी में इन्सान के लिए सबसे ज्यादा किस चीज की जरुरत है प्यार या दोलत। क्या प्यार इन्सान की जिन्दगी बदल सकता है? क्या दोलत इन्सान की काया पलट कर सकती है? क्या वाकई प्यार नाम की कोई चीज भी होटी है या सिर्फ़ वो किसी को पाने की कामना? क्या पैसे से खुशी पाई जा सकती है या प्यार से? क्या प्यार से कामयाबी पायी जा सकती है या पैसे से प्यार? इन सबके बारे में बात हम अगले पन्नो में करेगे। जो हमें इस निर्णय तक पहुचने में जरुर मदद करेंगे की आखिर इन्सान की जिन्दगी के लिए सबसे जरुरी चीज क्या है....?

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पन्ना नम्बर १ - http://www.yadokapanna1.blogspot.com/

पन्ना नम्बर २ (कहानी-भाग 1) - http://www.yekaisapyaar.blogspot.com/

शायराना अंदाज़ :- http://www.zindgikikahani.blogspot.com/

अगले पन्नो पर कार्य जारी है जो शीग्र ही पब्लिश किया जाएगा।

फिर मिलेंगे...


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